नर्मदा बचाओ आंदोलन कार्यकर्ता देवेंद्रसिंह तोमर की पगड़ी रस्म के दौरान

नर्मदा बचाओ आंदोलन कार्यकर्ता देवेंद्रसिंह तोमर की पगड़ी रस्म के दौरान आयोजित शोकसभा में आंदोलन की नेत्री सुश्री मेधा पाटकर ने किसानों का आव्हान किया कि वे खेती में कीटनाशकों के उपयोग पर के पुनर्विचार करें।

उन्होंने कहा कि अस्पतालों की संख्या और उनमें सुविधाएं तो बढ़ रही है, लेकिन हमारे कीटनाशकयुक्त भोजन की वजह से बीमारियां इतनी बढ़ रही है कि ये सुविधाएं बहुत कम पड़ रही है।

मेहनतकश किसानों के निमाड़ इलाके में भी बड़ी संख्या में केंसर अपने पंजे पसार रहा है। यह सब भोजन के माध्यम से हमारे शरीर में जा रहे कीटनाशकों के कारण हो रहा है।

अस्पताल और सुविधाएं इसका हल नहीं है। इसका हल है कीटनाशक मुक्त जैविक खेती। जैविक खेती ही हमें बीमारियों से बचा सकती है।

देवेंद्रसिंह तोमर आंदोलन के साथ RTI कार्यकर्ता भी थे। उन्होंने अपनी टीम के साथ सैकड़ों करोड़ के पुनर्वास घोटाले का पर्दाफाश किया था। इस घोटाले की जांच के लिए मप्र उच्च न्यायालय ने न्या. श्रवण शंकर झा आयोग का गठन किया था। उनका निधन केंसर के कारण 10 मई 2019 को हो गया था।

संवाददाता
अंकित तिवारी

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